Home उत्तर प्रदेश नोएडा-ग्रेटर नोएडा चाय और टोस्ट बना युवती की आत्महत्या का कारण : नोएडा में इस खौफनाक घटना से सब हैरान, जानिए क्या बोले साइकोलॉजिस्ट

चाय और टोस्ट बना युवती की आत्महत्या का कारण : नोएडा में इस खौफनाक घटना से सब हैरान, जानिए क्या बोले साइकोलॉजिस्ट

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चाय और टोस्ट बना युवती की आत्महत्या का कारण : नोएडा में इस खौफनाक घटना से सब हैरान, जानिए क्या बोले साइकोलॉजिस्ट

नोएडा में इस खौफनाक घटना से सब हैरान, जानिए क्या बोले साइकोलॉजिस्ट

Tricity Today | Symbolic Image




Noida News : उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी नोएडा में रोजाना कई लोग फंदा लगाकर सुसाइड कर रहे हैं। डिप्रेशन के चलते मरने वालों का आंकड़ा जानने के बाद विशेषज्ञ भी चिंतित हैं। इस मामले में अब बच्चे भी शामिल हो गए हैं। कई बार फोन की जिद को लेकर सुसाइड कर चुके हैं। ताजा मामला कोतवाली फेस-2 थाना क्षेत्र से सामने आया है, जिसमें 19 साल की युवती ने चाय के साथ टोस्ट नहीं मिलने पर आत्महत्या कर ली। यह जानकारी सामने आने के बाद शहर के लोग सन्न हैं।

क्या है पूरा मामला

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, भंगेल चौकी क्षेत्र स्थित टॉवर वाली गली में 19 साल की लड़की ने आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर भंगेल चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे। फंदे से लटकी लड़की को अस्पताल ले जाया गया। लेकिन, इससे पहले ही उसने दम तोड़ दिया। पिता ने बताया कि उनकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी के ऐसे चले जाने से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिवार मूल रूप से गुलरिया गांव का रहने वाला है। वे यहां किराये के कमरे में रहते हैं।

टोस्ट कम देने पर किया सुसाइड

जांच में परिजनों ने पुलिस को बताया कि आज सुबह उसकी मां ने लड़की को चाय के साथ टोस्ट दिया था। मां ने छोटी बहन को एक टोस्ट ज्यादा दे दिया। इस बात को लेकर मां और बेटी के बीच झड़प हो गई। उसके बाद जब छोटी बेटी नहाने गई और मां बाहर चली गई, तभी पूजा ने पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

मनोवैज्ञानिक डॉ.एके सिंह का कहना है कि छोटे बच्चों को माता-पिता ज्यादा तवज्जो देते हैं। इसका मतलब यह नहीं होता कि वह छोटे बच्चे को ज्यादा प्यार करते हैं। लेकिन ऐसा होता नहीं है। कई बच्चे ज्यादा संवेदनशील होते हैं। उनकी स्थिति के बारे में माता-पिता को समझना चाहिए। यह जरूरी है कि बड़ा बच्चा खुद को उपेक्षित नहीं समझे। एकल परिवारों के बच्चों में सुसाइडल टेंडेंसी बढ़ रही है।

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