सिवनी जिले के पेंच टाइगर रिजर्व के घाटकोहका बफर क्षेत्र में एक कुएं के अंदर दो साल के तेंदुए का शव मिला। वन विभाग की गश्ती टीम ने यह शव बरेलीपार बीट के पास परासपानी गांव के एक खेत में स्थित कुएं में देखा। कुएं में लगभग 15 फीट पानी भरा था, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि पानी में डूबने के कारण तेंदुए की जान गई होगी।
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मुख्य वन संरक्षक देवप्रसाद ने बताया कि कुएं की दीवारों और मोटर पंप के पाइप पर तेंदुए के नाखूनों और खरोंच के निशान पाए गए हैं, जिससे यह लग रहा है कि उसने कुएं से बाहर निकलने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाया। उन्होंने कहा कि घटना की जांच के लिए डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई, लेकिन किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नहीं पाई गई। लेकिन, यह घटना पेंच टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों संरक्षण के लिए एक गंभीर चेतावनी है। इस तरह के खुले कुएं और भी वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
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तेंदुए के शव का पोस्टमॉर्टम वरिष्ठ वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्रा द्वारा किया गया, जिसमें उसके सभी अंग सुरक्षित मिले। इसके बाद मुख्य वन संरक्षक देवप्रसाद, सहायक वन संरक्षक नरेशचंद्र पाटीदार, वन परिक्षेत्र अधिकारी भूपेश चौरसिया, तहसीलदार शशांक मेश्राम, एनटीसीए प्रतिनिधि राजेश भंडारकर और घाटकोहका की सरपंच रिंकू बाई उइके की उपस्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत तेंदुए के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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