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Mushroom Farming : पिंक ऑयस्टर मशरूम की खेती छत्तीसगढ़ की जलवायु के लिए काफी अनुकूल है. इस मशरूम की खेती 32 से 36 डिग्री सेल्सियस तापमान पर आसानी से की जा सकती है. यह मशरूम ऑयस्टर की ही एक किस्म है और इसकी खेती…और पढ़ें
पिंक ऑयस्टर मशरूम
हाइलाइट्स
- पिंक ऑयस्टर मशरूम की खेती छत्तीसगढ़ की जलवायु के लिए अनुकूल है
- 32 से 36 डिग्री सेल्सियस तापमान पर आसानी से की जा सकती है
- कम लागत, कम समय और कम मेहनत में अच्छा लाभ देती है
रायपुर : धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में धान की परंपरागत खेती की जाती है, लेकिन मौजूदा हालात यह है कि पानी की कमी की वजह से खेती कार्य काफी प्रभावित हो रही है. इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है.
दरअसल, गर्मी के मौसम में जब खेतों में परंपरागत फसलों की खेती कठिन हो जाती है, तब किसान अगर वैकल्पिक फसलों की ओर ध्यान दें तो अच्छी आमदनी हो सकती है. ऐसा ही एक विकल्प है पिंक ऑयस्टर मशरूम की खेती. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के मशरूम प्रयोगशाला के विशेषज्ञ नन्हें लाल पटेल के अनुसार, गर्मी में किसान अगर मशरूम उत्पादन की ओर रुख करें तो वे अच्छी कमाई कर सकते हैं.
उन्होंने बताया कि पिंक ऑयस्टर मशरूम की खेती छत्तीसगढ़ की जलवायु के लिए काफी अनुकूल है. इस मशरूम की खेती 32 से 36 डिग्री सेल्सियस तापमान पर आसानी से की जा सकती है. यह मशरूम ऑयस्टर की ही एक किस्म है और इसकी खेती की प्रक्रिया भी लगभग समान होती है.खेती की प्रक्रिया की बात करें तो सबसे पहले भूसे को अच्छी तरह भिगोकर उसे उपचारित किया जाता है.
इसके बाद पानी निथारकर भूसे को थोड़ा सुखा लिया जाता है. फिर उसमें 80 से 90 ग्राम स्पॉन प्रति बैग के हिसाब से मिलाया जाता है. बैग को बंद कर उसमें छोटे-छोटे छेद किए जाते हैं और उसे लटकन विधि से टांग दिया जाता है. करीब 15 दिनों में बैग के अंदर सफेदी दिखाई देने लगती है, जो यह दर्शाती है कि मशरूम का विकास शुरू हो चुका है. इस अवस्था में पॉलीथिन हटाकर 3-4 दिन तक नियमित रूप से पानी दिया जाता है, जिससे मशरूम उगने लगते हैं. 20 दिनों के भीतर फसल तैयार हो जाती है.
मशरूम प्रयोगशाला के विशेषज्ञ नन्हें लाल पटेल ने आगे बताया कि मात्र एक किलो स्पॉन और 10 किलो भूसे से लगभग 7 से 8 किलो मशरूम का उत्पादन संभव है. बाजार में इसका भाव 120 रुपए से लेकर 200 रुपए तक मिल जाते हैं. यह खेती कम लागत, कम समय और कम मेहनत में अच्छा लाभ देने वाली है. ऐसे में पिंक ऑयस्टर मशरूम की खेती किसानों के लिए गर्मी में एक नया और लाभदायक अवसर बनकर उभर रही है.