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Naxal Encounter News: फोर्स के लगातार ऑपरेशन जारी रहने और नक्सलियों का सफाया होता जा रहा है. इसके चलते नक्सली खुद दहशत में आ गए हैं. इसी के चलते नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी की तरफ से शांतिवार्ता के लिए पर्चा जार…और पढ़ें
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का आतंक खत्म.
हाइलाइट्स
- नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी का प्रस्ताव.
- शांति वार्ता के लिए रखी कई शर्तें.
- सेना के ऑपरेशन को बंद करने को कहा.
रायपुरः नक्सलियों का खात्मा अब तय है, यह कहने में बिल्कुल किसी भी तरह का गुरेज नहीं करना चाहिए. क्योंकि जिस तरह से सेना नक्सलियों के खिलाफ लगातार ऑपरेशन चला रही है, उससे यह साफ है कि अब यह नक्सली बहुत दिन तक बचने वाले नहीं हैं और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 31 मार्च, 2026 तक नक्सल मुक्त होने का ऐलान कर चुके हैं. इस बीच नक्सलियों ने शांति वार्ता की अपील कर दी है. हालांकि जो उन्होंने शर्तें रखी हैं, वो वही पुरानी शर्तें हैं, जिसके चलते अबतक बात नहीं हो सकी है. नक्सली पांच बार शांति वार्ता का प्रस्ताव दे चुके हैं.
फोर्स के लगातार ऑपरेशन जारी रहने और नक्सलियों का सफाया होता जा रहा है. इसके चलते नक्सली खुद दहशत में आ गए हैं. इसी के चलते नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी की तरफ से शांतिवार्ता के लिए पर्चा जारी किया है. पर्चे में लिखा है कि पिछले 15 महीने में उनके 400 साथ मारे गए हैं. अगर राज्य और केंद्र सरकार नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन रोकती है, तो हम शांति वार्ता के लिए तैयार हैं. अभय के नाम से जारी पर्चे में नक्सलियों के संगठन की एक बैठक 24 मार्च को हैदराबाद में आयोजित होगी, जिसका जिक्र किया गया है.
नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी ने जो शर्त रखी है, उसमें नक्सल मोर्चे में तैनात जवानों को कैंप के अंदर ही रखे जाने, जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन को बंद किए जाने की शर्त प्रमुख है. साथ ही यह भी शर्त रखी है कि केंद्र और राज्य सरकारें छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में ऑपरेशन के नाम पर हत्याओं और एनकाउंटर को रोका जाए. हालांकि सरकार ने यह साफ कर दिया है कि वह शांति वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन शर्तें मंजूर नहीं हैं.