Thursday, April 3, 2025
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MP : शहरों के सीवरेज प्रोजेक्ट जल्द पूरे करने के निर्देश, CM बोले- क्षिप्रा में किसी भी सूरत में न हो प्रदूषण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की 10वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नगरों में चल रहे सीवरेज प्रोजेक्ट्स को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन प्रोजेक्ट के लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित किए जाएं ताकि शहरों का गंदा पानी नदियों में न जा सके, और नदियां प्रदूषित होने से बचें।

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मुख्यमंत्री ने सीवरेज के अलावा सॉलिड वेस्ट (ठोस कचरा) और लिक्विड वेस्ट (गंदा पानी) के निस्तारण पर विशेष ध्यान देने की बात की और इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि शहरी क्षेत्रों के वेस्ट से नदियां प्रदूषित न हों। उन्होंने नर्मदा नदी और क्षिप्रा नदी जैसे महत्वपूर्ण जल स्रोतों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया और उज्जैन में क्षिप्रा नदी में किसी भी सूरत में प्रदूषण नहीं होने की बात कही। बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भोपाल और इंदौर जल्द ही मेट्रोपॉलिटन सिटी बनने की दिशा में बढ़ रहे हैं। इसलिए इन शहरों की भविष्य की आवश्यकताओं के मद्देनजर, अर्बन कंपनी को बेहतर शहर नियोजन के विशेषज्ञों को जोड़ने की आवश्यकता है। सड़क, लोक परिवहन और सीवरेज ट्रीटमेंट जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले विशेषज्ञों को भी कंपनी से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अर्बन डेवलपमेंट कंपनी की बैठकें नियमित रूप से की जाएं, ताकि लंबित कार्यों का समय पर अनुमोदन किया जा सके और निर्माण कार्यों में नियमितता बनी रहे। इसके साथ ही उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए एक्शन प्लान तैयार करने की सलाह दी। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में नर्मदा नदी के पास 12 सीवरेज निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिनमें से 10 कार्य पूरे हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कंपनी से यह सुनिश्चित करने को कहा कि इन कार्यों से नदियां प्रदूषित न हों। बैठक में कई प्रशासनिक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई और कंपनी में पद सृजन प्रस्ताव को अनुमोदन दिया गया। आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं कंपनी के प्रबंध संचालक ने बैठक में कंपनी द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी का गठन 1 जनवरी 2015 को हुआ था और अब तक यह कंपनी शहरी विकास और नियोजन के क्षेत्र में 8000 करोड़ रुपये का दीर्घकालिक ऋण लेकर कार्य कर रही है।

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