जबलपुर जिले के कुंडम ब्लॉक के सतन झरई गांव में गत दिवस खेत में चरने गए मवेशी अचानक बेहोश होकर गिर गए। घटना की खबर आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई। सूचना मिलने पर प्रशासनिक व पुलिस अमला मौके पर पहुंचा और उपचार के लिए वेटरनरी डॉक्टर को बुलाया गया। हालांकि, उपचार के बाद भी 14 मवेशियों की मौत हो गई।
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कुंडम थाना प्रभारी अनूप कुमार नामदेव के अनुसार, सतन झरई गांव में मवेशियों का झुंड चरने के लिए निकला था। इसी दौरान कुछ मवेशी एक खेत में घुस गए, जहां अलसी की फसल लगी हुई थी। अलसी खाने के बाद एक-एक कर मवेशी बेहोश होकर गिरने लगे। घटना की जानकारी मिलने पर आर. पटेल सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। वेटरनरी विभाग को सूचित कर डॉक्टर को बुलाया गया, जिन्होंने पहुंचकर मवेशियों का उपचार किया। चरने निकले झुंड में करीब 100 मवेशी थे, जिनमें से 25 से अधिक मवेशी बेहोश होकर गिर पड़े। इनमें से 14 मवेशियों की मौत हो गई, जबकि बाकी को उपचार के बाद बचा लिया गया।
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कीटनाशक के कारण हुई घटना
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि खेत के मालिक ने हाल ही में अलसी की फसल पर कीटनाशक का छिड़काव करवाया था। कीटनाशक के असर से अलसी जहरीली हो गई थी, जिसे खाने के बाद मवेशियों की मौत हो गई। मृत मवेशी गांव के अलग-अलग परिवारों के थे। हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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