Saturday, April 13, 2024
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नोएडा में फ्लैट खरीदारों के लिए गुड न्यूज़ : रजिस्ट्री की फाइल पाकर बायर्स के खिल उठे चेहरे, अथॉरिटी ने लगाया कैंप

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Noida News : नोएडा से अच्छी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर फ्लैट खरीदारों को मालिकाना हक मिलने लगा है। नोएडा प्राधिकरण की तरफ से कैंप लगाकर फ्लैट खरीदारों को रजिस्ट्री की फाइल सौंपी जा रही हैं। इस सिलसिले में बुधवार को नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-6 इंदिरा गांधी कला केंद्र में दो दिवसीय विशेष कैंप का आयोजन शुरू किया है। पहले दिन दो दर्जन से अधिक फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री कराई गई। रजिस्ट्री की फाइल मिलते ही बायर्स के चेहरे खिल उठे। आने वाले दिनों में नोएडा प्राधिकरण की तरफ से अभियान को तेज कर सैकड़ों फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री की जाएगी।

कई सालों से भटक रहे थे लोग

फ्लैट्स बायर्स को रजिस्ट्री के लिए पिछले करीब चार-पांच सालों से दर-दर भटकना पड़ रहा था। शहर के लोग सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक अपना गुस्सा जाहिर कर रहे थे। फ्लैट खरीदारों ने दिल्ली जाकर भी प्रदर्शन किया था। दस्तावेजों में फ्लैटों का मालिक न बन पाने की वजह से वह बैंको से लोन भी नहीं ले पा रहे थे और इन फ्लैटों की खरीद-फरोख्त भी बंद थी। केंद्र और यूपी सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए अमिताभकांत समिति का गठन किया। इस समिति के सुझावों को दिसंबर 2023 में प्रदेश सरकार की कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद एक मार्च 2024 से रजिस्ट्री का क्रम शुरू हो सका है।

बिल्डरों पर कार्रवाई करेगा अथॉरिटी

नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों ने बताया कि अमिताभकांत की सिफारिश लागू होने के बाद 35 बिल्डरों ने सहमति दी है। बाकी बिल्डरों को अथॉरिटी ने नई योजना अमिताभ कांत समिति के तहत कुछ दिन का वक्त देने का फैसला किया है। बिल्डरों को साफ-साफ बताना होगा कि वह पैकेज साइन करेंगे या नहीं। वह अपनी परेशानी भी बता सकते हैं, लेकिन समिति की सिफारिशों को मानने और प्राधिकरण के साथ पैकेज साइन करने पर सकारात्मक जवाब देना होगा। ऐसा नहीं हुआ तो नोएडा अथॉरिटी ऐसे बिल्डरों पर कार्रवाई करेगा। इसमें सीलिंग और आवंटन निरस्त करने जैसी कार्रवाई की जाएगी।

अमिताभ कांत समिति की सिफारिशें मंजूर

नोएडा समेत पूरे दिल्ली-एनसीआर और देशभर में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश पर नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत की अध्यक्षता में एक समिति का गठन 31 मार्च 2023 को किया गया था। समिति में उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के टॉप ब्यूरोक्रेट्स शामिल थे। इस कमेटी को दिल्ली-एनसीआर में अटके प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का रास्ता बताने का जिम्मा दिया गया था। इस कमेटी ने बिल्डर्स से लेकर बायर्स तक की समस्याओं और हर पहलुओं का बारीकी से अध्ययन किया। इसके बाद 24 जुलाई 2023 को अपनी रिपोर्ट सबमिट की। सरकार ने उस रिपोर्ट को गौतमबुद्ध नगर के तीनों विकास प्राधिकरणों को भेजा था। अधिकारियों के मुताबिक, सरकार ने समिति की करीब आधी सिफारिशों को कुछ बदलाव के साथ लागू करने का निर्णय लिया है।

कमेटी की जरूरत क्यों पड़ी

नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में आने वाले दर्जनों बिल्डर्स के तमाम प्रोजेक्ट सालों से अटके पड़े हैं। किसी के पास फंड की कमी है तो किसी का प्राधिकरण पर बकाया है। इसके अलावा कई बिल्डर आपराधिक मुकदमों का सामना कर रहे हैं। कुछ प्रोजेक्ट कोर्ट-कचहरी के चक्कर में फंसे हैं।

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