बिना लाइसेंस, बिना इंश्योरेंस के वाहन रोज ला रहे हैं दर्जनों लोग; जिम्मेदारी तय करने की मांग उठी
मुर्गेश शेट्टी,बीजापुर , 7 अगस्त बीजापुर । जिले के भोपालपटनम क्षेत्र में लगातार देखा जा रहा है कि महाराष्ट्र और तेलंगाना से बड़ी संख्या में श्रमिकों और यात्रियों को मालवाहक वाहनों में भरकर लाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, प्रतिदिन 15 से 20 ऐसे वाहन इलाके में पहुंच रहे हैं, जिनमें सुरक्षा के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें से कई वाहनों के पास आवश्यक कागजात जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन बीमा और रजिस्ट्रेशन तक नहीं हैं। इसके बावजूद 60 से 70 लोगों को एक ही वाहन में ठूंस-ठूंस कर लाया जा रहा है। यह न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि सैकड़ों गरीब मजदूरों की जान से खिलवाड़ भी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। “खुदा ना खास्ता अगर कोई दुर्घटना हो जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?” – यह सवाल अब जनमानस में उठने लगा है।
प्रशासन क्यों मौन?
इस पूरे मामले में जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। जब खुलेआम अवैध और असुरक्षित ढंग से लोगों की ढुलाई हो रही है, तो संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करना ज़रूरी है।
जनहित का मामला – तत्काल कार्रवाई की मांग
यह विषय न केवल श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़ा है, बल्कि मानवाधिकार और कानून व्यवस्था का भी प्रश्न है। बस्तर संवाद समाचार पत्र प्रशासन से मांग करता है कि इस गंभीर लापरवाही पर तुरंत संज्ञान लिया जाए, संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं और दोषियों पर सख्त कार्यवाही हो।
