Wednesday, February 4, 2026
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भोपालपटनम में जन्माष्टमी महोत्सव: भक्ति, उल्लास और 56 भोग का दिव्य संगम

मटका फोड़ प्रतियोगिता में युवाओं की टोली ने दिखाया अद्भुत सामूहिक कौशल

मुर्गेश शेट्टी, बीजापुर, 17 अगस्त । जिले के भोपालपटनम में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस वर्ष अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। स्थानीय शिव मंदिर समिति के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य आयोजन ने नगर को भक्ति रस में डुबो दिया।

पर्व की संध्या को स्थानीय श्री मानस रामायण मंडली द्वारा भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए। भजनों की मधुर स्वर लहरियों ने समूचे मंदिर परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

56 भोग और लोरी से सजी भोर की भक्ति

दूसरे दिन प्रातः 10 बजे शिव मंदिर प्रांगण में क्षेत्र की माताओं और बहनों ने श्रद्धा भाव से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया। सभी ने मिलकर भगवान लड्डूगोपाल को 56 प्रकार के पारंपरिक व्यंजनों का भोग अर्पित किया। प्रत्येक भोग माता-बहनों द्वारा अपनी सामर्थ्यानुसार तैयार किया गया था।

 

इसके उपरांत सभी श्रद्धालु माताओं ने भगवान श्रीकृष्ण को झूला झुलाया और सामूहिक रूप से लोरी गाकर बाल गोपाल की महिमा का गुणगान किया। संपूर्ण मंदिर परिसर भक्ति, प्रेम और शुद्धता के वातावरण से सराबोर हो गया। पूजा-अर्चना के पश्चात महा प्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

मटका फोड़ प्रतियोगिता ने बांधा समां

सायंकाल को शिव मंदिर समिति, नगर पंचायत एवं ग्रामीणों के सहयोग से पारंपरिक मटका फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। युवाओं की टोली ने पिरामिड बनाकर मटकी फोड़ने की कला एवं टीम भावना का परिचय दिया। दर्शकों ने इस आयोजन का भरपूर आनंद उठाया और तालियों की गूंज से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

संस्कृति संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल

शिव मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन समाज में धार्मिक चेतना, सांस्कृतिक संरक्षण और आपसी सहयोग को बढ़ावा देते हैं। समिति का उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और अधिक भव्य रूप में मनाया जाए, जिससे हमारी परंपराएं पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित रहें।

इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों की भारी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की सफलता में शिव मंदिर समिति, स्थानीय स्वयंसेवकों एवं समस्त ग्रामवासियों का सराहनीय योगदान रहा।

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