मुर्गेश शेट्टी ,बीजापुर ।जिले के भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अंगमपल्ली की प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षिका श्रीमती वीणा सल्लूर के खिलाफ ग्राम पंचायत ने गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने का प्रस्ताव पारित किया है। सरपंच, पंच तथा ग्रामीणों की उपस्थिति में ग्राम सभा का आयोजन कर यह निर्णय लिया गया, जिसमें शिक्षिका की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को लेकर आक्रोश व्यक्त किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीमती वीणा सल्लूर के खिलाफ यह आरोप है कि वे विद्यालय में समय पर उपस्थिति नहीं देतीं और जब आती भी हैं, तो अधिकांश समय मोबाइल फोन में व्यस्त रहती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे बच्चों के शिक्षण कार्य में कोई रुचि नहीं लेतीं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
शिकायत पर शिक्षिका का जवाब – “मुझे कुछ नहीं होगा”
ग्रामवासियों ने बताया कि कई बार बच्चों के पालकों द्वारा उन्हें समझाइश दी गई, लेकिन शिक्षिका ने किसी भी सुझाव को गंभीरता से नहीं लिया। उल्टा, उन्होंने अपने राजनीतिक पहुंच की दुहाई देते हुए कहा कि “मुझे कुछ नहीं होगा, मेरा संपर्क मंत्री तक है, तुम लोग जहां चाहो शिकायत कर लो।”

ग्रामसभा ने सर्वसम्मति से पारित किया प्रस्ताव
इस पूरे घटनाक्रम से आहत ग्रामवासियों ने पंचायत में प्रस्ताव पारित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। प्रस्ताव में स्पष्ट मांग की गई है कि श्रीमती वीणा सल्लूर को प्राथमिक शाला अंगमपल्ली से तत्काल हटाया जाए और उनकी जगह एक कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक की नियुक्ति की जाए।
प्रशासन की कोशिशों को लग रहा धक्का
जहां एक ओर शासन-प्रशासन शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों में जुटा है, वहीं दूसरी ओर कुछ शिक्षकों की लापरवाही से उन प्रयासों को गहरा आघात लग रहा है। अंगमपल्ली की यह घटना शिक्षा व्यवस्था में मौजूद खामियों की ओर स्पष्ट इशारा करती है।
ग्रामीणों की मांग – हो त्वरित कार्रवाई
ग्रामवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके और विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।
