Wednesday, February 4, 2026
Homeछत्तीसगढ़बीजापुरगढ़चिरौली में आईआरएस प्रणाली लागू: प्रशासन बाढ़ से निपटने को सतर्क

गढ़चिरौली में आईआरएस प्रणाली लागू: प्रशासन बाढ़ से निपटने को सतर्क

सिरोंचा तालुका में स्थिति नियंत्रण में, एनडीआरएफ टीम पहुँची

मुर्गेश शेट्टी, बीजापुर 20 अगस्त । गढ़चिरौली जिले में लगातार हो रही भारी वर्षा और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गढ़चिरौली जिला प्रशासन ने बाढ़ जैसी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए आईआरएस (इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम) प्रणाली लागू कर दी है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला कलेक्टर अविश्यंत पांडा ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया है।

प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, जिले की प्रमुख नदियाँ — वैनगंगा, प्राणहिता, इंद्रावती और गोदावरी — चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही हैं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में जलग्रहण क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा की चेतावनी दी है, जिसको देखते हुए सभी आवश्यक कदम तेजी से उठाए जा रहे हैं।

आईआरएस के तहत विभागों को दी गई हैं जिम्मेदारियाँ

प्रशासन ने विभिन्न विभागों को बाढ़ नियंत्रण और राहत कार्यों हेतु निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:

नदियों, बांधों और जलाशयों के जलस्तर की निगरानी एवं तकनीकी विश्लेषण प्रतिघंटा करें।

संपर्क मार्गों की स्थिति की निगरानी करें, बंद सड़कों की जानकारी दें, बैरिकेड्स लगाएँ और आवश्यकतानुसार रास्ता खोलें।

विद्युत और दूरसंचार सेवाओं की बहाली शीघ्र सुनिश्चित करें।

आवश्यक वस्तुओं जैसे गैस, पेट्रोल, सब्जियाँ एवं खाद्यान्न की आपूर्ति बनाए रखें।

स्वास्थ्य सेवाओं को सक्रिय रखें और संभावित महामारियों से निपटने की तैयारी करें। सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति और जल स्रोतों का कीटाणुशोधन करें।।बाढ़ प्रभावितों के लिए आश्रय स्थलों की व्यवस्था और मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराएँ।प्रतिदिन की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार करें।नुकसान का आंकलन कर त्वरित पंचनामा तैयार किया जाए।

सिरोंचा में प्रशासन सतर्क, स्थिति नियंत्रण में

प्रशासन ने जानकारी दी है कि सिरोंचा तालुका में प्राणहिता और गोदावरी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। बीती रात तेलंगाना की ओर से पानी का बहाव तेज़ होने के चलते जिला कलेक्टर ने एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम को नागपुर से बुलवाया। यह टीम रात 10 बजे नागपुर से रवाना होकर सुबह 5 बजे सिरोंचा पहुँची और गोदावरी, प्राणहिता एवं मेदिगट्टा बाँध का निरीक्षण किया।

प्रशासन ने नदी किनारे बसे गाँवों में अलर्ट जारी कर दिया है। तलाठी, ग्राम सेवक और आपत्ती मित्रों को मुख्यालय पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ राहत केंद्रों को तैयार रखा गया है, परंतु वर्तमान में नागरिकों के पलायन की आवश्यकता नहीं है।

जिला कलेक्टर श्री पांडा ने कहा, “स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। नागरिकों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।”

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img